कांग्रेस का एसटी-ओबीसी और वरिष्ठों को भी साधने का प्रयास, सिंहदेव, बैज, मरकाम और विनोद वर्मा के नाम पर भी चर्चा
शहर सत्ता/रायपुर। (Notification For Rajya Sabha Elections)राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से राज्यसभा के लिए प्रबल दावेदार के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री और AICC के महासचिव भूपेश बघेल के नाम की चर्चा है। अगर ऐसा हुआ तो यह भी पूरी संभावना जताई जा रही है कि पाटन विधानसभा वे अपने पुत्र को सौंप सकते हैं। हालांकि पार्टी आलाकमान अन्य विकल्प पर भी विचार कर सकती है।
खासकर आदिवासी और चुनाव हारकर खली बैठे वरिष्ठों को भी तरजीह दी जा सकती है; ऐसे में सिंहदेव, बैज, मरकाम के नाम की चर्चा है। लेकिन ओबीसी बहुलता वाले और कांग्रेस सिंहदेव, बैज, मरकाम की जगह किसी तेज-तर्राट ओबीसी और किसान नेता का नाम तय करेगी।

इसमें संगठन से लेकर शासन चलने तक और बीजेपी का मुखर विरोध करने वाले किसान नेताओं में भूपेश ही माकूल नाम हैं। वैसे विनोद वर्मा के नाम की भी चर्चा पार्टी संगठन में हो रही है। क्योंकि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस राज्य सभा में मुखर, अनुभवी, किसान और आदिवासी या फिर ओबीसी नेता को ही भेजना चाहेगी।

बेटे ‘बिट्टू’ को कर सकते हैं लांच
सियासी हलकों में बड़ी तेजी से भूपेश के बेटे चैतन्य बघेल को राजनीती में लांच करने का कयास लग रहा था। रायपुर सेंट्रल जेल से रिहाई के बाद स्वागत में निकला जुलूस भी इस कयास को हवा दे रहा था। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 2 सीटों पर होने वाले चुनाव की अधिसूचना 26 फरवरी को जारी होने के बाद से ही एक बार फिर भूपेश बघेल को राज्यसभा भेजने और पाटन सीट से उनके बेटे चैतन्य उर्फ़ बिट्टू को चुनाव लड़ाए जाने की चर्चा है। फ़िलहाल श्री बघेल ने चैतन्य के सक्रीय राजनीति में आने पर कुछ खुलकर कभी नहीं बोले हैं। लेकिन अगर उन्हें राज्यसभा भेजा गया तो इसकी संभावना बन रही है।
प्रमुख बिंदु
0 छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 2 सीटों पर होने वाले हैं चुनाव
0 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी
0 5 मार्च नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है
0 एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है
0 छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए वर्तमान में 5 सदस्य प्रतिनिधित्व कर रहे हैं
0 इनमें 2 सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है
0 2 सदस्यों का कार्यकाल 2028 और 2030 तक जारी रहेगा

ये हैं छत्तीसगढ़ से राज्य सभा सांसद
9 अप्रैल 2026 तक कार्यकाल वाले सांसदों में फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी शामिल हैं और दोनों कांग्रेस पार्टी से हैं। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल 29 जून 2028 तक है। वहीं भाजपा से देवेन्द्र प्रताप सिंह का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित है। छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होगा। इसी दिन नतीजे, 2 अप्रैल को KTS तुलसी-फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल ख़त्म होगा।








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