0 अजय चंद्राकर के तीखे सवालों से सदन में चर्चा
प्रदीप चंद्रवंशी/मो. नं.7000681023
शहर सत्ता/रायपुर। (Chhattisgarh Legislative Assembly Winter Session)छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन रविवार को कार्रवाई का कांग्रेस ने तो बहिष्कार कर दिया। लेकिन आज विपक्षियों की कमी पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर (डाला भैय्या) ने पूरी कर दी। लग रहा था कि सारे विपक्षी की कमी चंद्राकर जी ही पूरा कर देंगे। संसदीय कार्य के ज्ञाता और पार्टी के विद्वान विधायकों में शुमार अजय चंद्राकर कांग्रेस नेता भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, उमेश पटेल, देवेंद्र यादव का कॉम्बो पैग लग रहे थे। श्री चंद्राकर ने सदन में चर्चा के दौरान कहा; आज तक 22- 23 बजट की प्रशासकीय स्वीकृति नहीं हुई है।
मामला विधानसभा सत्र के पहले दिन विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर चर्चा से शुरू हुआ। मंत्री ओपी चौधरी द्वारा विजन ड्यूक्यूमेंट सदन में रखा गया। ओपी चौधरी के प्रस्ताव पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा; किस व्यवस्था के तहत चर्चा रही है ? किस प्रावधान के तहत हों रही चर्चा ? तब सभी चौंक गए जब अजय चंद्राकर ने आसंदी से भी पूछा सवाल कि ये शासकीय संकल्प है या अशासकीय संकल्प है ? अजय चंद्राकर ने कहा हमको नहीं पता कि क्या बोलना है… पक्ष में या विपक्ष में ! या विजन को लेकर सलाह देना है।

प्रक्रिया पर सवाल उठते हुए अजय चंद्राकर ने मुख्यमंत्री को विजन डॉक्यूमेंट के लिए बधाई दी। चर्चा में भाग लेते हुए अजय चंद्राकर ने विजन डॉक्यूमेंट चर्चा में कहा- आज तक तय नहीं हो पाया कि रोजगार की परिभाषा क्या है.? कृषि का रकबा कम हो रहा है पर विजन डॉक्यूमेंट में कृषि का योगदान बढ़ने की बात कही गई है ऐसे कैसे संभव है इसकी जांच होना चाहिए। सिंचाई को लेकर हमारे पास कोई पालिसी नहीं है दंतेवाड़ा बस्तर में सिंचाई की क्या व्यवस्था है? मै आलोचना नहीं कर रहा हु,, केवल वस्तु स्थिति बता रहा हूं, कौन से बीज के मामले में हम आत्म निर्भर है? दुग्ध उत्पादन मरणासन्न अवस्था में है, नस्ल सुधार का कोई प्लान नहीं है। डेयरी उत्पादन ने देश में हमारा क्या योगदान है ?
चर्चा के दौरान श्री चंद्राकर ने मंत्री से कहा- आप ने देश दुनिया की तो बात की , भारत में कई उत्पाद को प्रतिबंधित कर दिया पर हमारे पास। कोई योजना नहीं
चारा के लिए कुछ नहीं, कृत्रिम गर्भाधान के लिए कोई व्यवस्था नहीं। आपने औद्योगिक नीति बनाई, उसको लागू करने बनाई या उसमें संशोधन के लिए बनाई। देखता हूं हर महीने एक संशोधन कर देते हो। किन्हीं पर भी छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए नीति नहीं बनी….यहां का लोहा वहां गया बताया गया लेकिन बता दूं कि दुर्घटना वाला तेजस में हमारा लोहा नहीं था। (सब हंस पड़े)
सवाल पर बिफरे मंत्री की आपत्ति
चंद्राकर ने पूछा सवाल; क्या आप लिबरल है ? आप से तो मिलना दूभर है तो बात कैसे हो? मिलना जुलना नहीं होगा तो पुलाव कैसे बनेगा ..? अजय चंद्राकर की टिप्पणी पर श्याम जायसवाल ने आपत्ति जताई। कहा- निजी आरोप ना लगाए। चंद्राकर ने कहा आरोप नहीं लगाया केवल पूछा है। चंद्राकर ने कहा आरोप लगाने की व्यवस्था मुझे पता है। मुझे संसदीय व्यवस्था ना समझाएं। श्याम जायसवाल ने कहा मै भी दो बार का विधायक हूं। चंद्राकर ने फिर कहा; अगर मैने कोई व्यक्तिगत टिप्पणी की हो तो विलोपित करा दीजिए। मंत्री जायसवाल ने आसंदी से मांग की इस टिप्पणी को डिलीट किया जाए। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक के तेवर देखकर कानाफूसी होने लगी कि आज तो सारे विपक्षी की कमी चंद्राकर जी ही पूरा कर देंगे।







