0 बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगे शाह और साय
शहर सत्ता/रायपुर। (Naxal Elimination Strategy)बस्तर में माओवादियों के खात्मे की अंतिम निर्णायक लड़ाई के बीच फोर्स के अफसरों के साथ गृहमंत्री अमित शाह की आज अहम बैठक होगी। शाह सभी एजेंसियों से चर्चा करेंगे और उन्हें नए टास्क देंगे। उनकी कोशिश है कि जो नक्सली सरेंडर कर चुके हैं या हथियार छोड़ चुके हैं। उन्हें सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिले, ताकि वे फिर हथियार उठाने की ओर न जाएं।
अर्बन नेटवर्क पर भी खास बातचीत
शहर के स्लम इलाकों में छिपे हुए या मजदूरी कर रहे नक्सलियों की गतिविधियों पर सरकार की नजर है। सरकार यह पता लगा रही है कि लगातार ऑपरेशन के बाद नक्सलियों की रणनीति क्या है। क्या उन्होंने हथियार छोड़ दिए हैं या कुछ समय के लिए अंडरग्राउंड हो गए हैं। आसपास के राज्यों में नई भर्ती कर कैडर बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षा बल इन रणनीतियों के अनुसार काम कर रहे हैं।

लाल लड़ाकों के सीज फायर पर भी चर्चा
शनिवार को सुरक्षाबलों और राज्य पुलिस के आला अफसरों के साथ बैठक कर नक्सलियों पर अंतिम वार के लिए रणनीति तैयार करेंगे। शाह की इस बैठक में नक्सलियों द्वारा वार्ता के लिए भेजी गई चिट्ठी पर भी चर्चा की जाएगी। क्योंकि शाह पहले ही नक्सलियों को चेता चुके हैं कि यदि वे सरेंडर करते हैं तो सरकार उनका रेड कार्पेट में स्वागत करेगी, नहीं तो गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा।
शाह के 4 दौरे की मुख्य बातें
-15 दिसंबर 2024 को जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन पर अमित शाह ने घोषणा की कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म कर दिया जाएगा।
-16 दिसंबर 2024 को बीजापुर के गुंडम में जवानों से मिले और कहा कि सुरक्षा बल नक्सलियों पर भारी हैं, और तय डेडलाइन तक बस्तर नक्सल मुक्त होगा।
-5 अप्रैल 2025 को दंतेवाड़ा में शाह ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण की खुली चेतावनी दी और कहा- अब आत्मसमर्पण ही एकमात्र विकल्प है, नहीं तो अंजाम भुगतने को तैयार रहें।







