CGPSC 2020 में ही हो गया था 2021 का पर्चा लीक, जिन्होंने इंटरव्यू नहीं दिया उनका भी हुआ चयन
शहर सत्ता/रायपुर। (CBI Exposes CGPSC Scam)छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग में कैसे काबिल अभ्यर्थियों की जगह राजनेताओं और प्रशासनिक रसूखदारों के बच्चों को सेलेक्ट किया इसकी परतें अब खुलने लगी है। CGPSC भर्ती घोटाले में CBI की जांच और कोर्ट में पेश किये गया दस्तावेज से कई सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। 17 जुलाई 2024 को CBI ने PSC सचिव जेके ध्रुव के घर में छापा मारा था। जेके ध्रुव के घर से पेपर और प्रैक्टिस आंसर सीट मिली थी। CBI ने अपनी जांच में लिखा है कि परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक ने पीएससी सचिव जेके ध्रुव को 2021 की परीक्षा का पेपर 2020 में ही दे दिया।


टामन सिंह और आरती वासनिक ने PSC मुख्य परीक्षा 2021 का पेपर एक साल पहले यानी 2020 में ही PSC सचिव जीवन किशोर ध्रुव को दे दिया था। इस पेपर से उनका बेटा सुमित ध्रुव लगातार अभ्यास करता रहा। CBI ने जीवन ध्रुव के घर से प्रश्नपत्र और उत्तर की कॉपी बरामद की। पेपर-2 और पेपर-7 पहले से सुमित के पास थे। इनमें 47 में से 42 प्रश्न उसे उपलब्ध कराए गए थे। पेपर-2 में क्रिप्टो करेंसी, टोनही प्रथा और दंतेवाड़ा पर निबंध लिखना था, जिसका सुमित एक साल से अभ्यास कर रहा था। उसके घर से अन्य सबूत भी मिले हैं।

टामन के भाई की बहू दीपा आदिल का चयन आबकारी अधिकारी के तौर पर हुआ। उनके दस्तावेज में भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उन्होंने PSC के फॉर्म में पति का नाम नहीं लिखा। कॉलम खाली छोड़ दिया। जबकि शादी हुई है या नहीं वाले कॉलम में हां लिखा। शादी की तारीख 7 मई 2008 दर्ज की। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक ननकी राम कंवर ने रसूखदारों के जिन लोगों का चयन हुआ उसके खिलाफ याचिका लगाए हैं। याचिका में नेताओं के करीबी और आला प्रशासनिक अफसरों के परिवार वालों के नाम हैं।
जिन लोगों ने पेपर सैट नहीं किया उनके नाम दर्ज
CBI ने आरती वासनिक के पास से एक रजिस्टर जब्त किया, जिसमें पेपर तैयार करने वाले मॉडरेटरों के नाम दर्ज थे। प्रो. भारद्वाज, डॉ. खान और डॉ. दवे ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई याद नहीं है। वहीं, प्रो. नागरत्ना गणवीर और आरके पुरोहित ने भी मॉडरेशन किया था, लेकिन उनका नाम रजिस्टर में नहीं था। इसमें प्रो.डॉ. बीपी यादव, प्रो.जेएल भारद्वाज, ज्ञानेंद्र शुक्ला, डॉ. सीमा खान, डॉ. नीरज झा और डॉ. आरएल दवे शामिल थे। ये सभी PSC के पेपर बनाने में संलग्न थे। CBI ने इन सभी से बयान भी दर्ज किए। डॉ. नीरज झा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पेपर-7 तैयार नहीं किया था।
171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा
CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी।







