ED बोली- उनके पास केस डायरी नहीं, समय दिया जाए
शहर सत्ता/रायपुर। (Chhattisgarh’s Naan Scam)छत्तीसगढ़ नान घोटाला केस में आरोपी रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ने रायपुर की ED स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया है। आज शुक्रवार को वे सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के साथ कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने ED को इसकी सूचना दी है। लेकिन ED के वकील केस डायरी लेकर नहीं पहुंचें। उन्होंने कोर्ट से समय मांगा। आलोक शुक्ला सोमवार को फिर से कोर्ट पहुंचेंगे।
आलोक शुक्ला गुरुवार को भी कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन कोर्ट ने सरेंडर कराने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर अपलोड नहीं हुआ है। सरेंडर नहीं करा सकते हैं। इसके बाद आलोक शुक्ला वापस लौट गए थे। बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि ईडी ने कहा उनके पास जांच की डायरी नहीं है, उन्हें समय दिया जाए। ऐसे में कोर्ट ने आलोक शुक्ला को फ्री कर दिया है। सोमवार को वे फिर से कोर्ट जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने 2 हफ्ते कस्टोडियल और ज्यूडिशियल रिमांड के आदेश दिए हैं।

इन धाराओं के तहत FIR
छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने डॉ. आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा, सतीश चंद्र वर्मा और अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धाराओं 7, 7क, 8, और 13(2) और भारतीय दंड संहिता की धाराएं 182, 211, 193, 195-ए, 166-ए, और 120बी के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने तय की समय सीमा
इसके साथ ही जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने ED और EOW को जांच पूरी करने के लिए तय समय सीमा दी है। बेंच ने ED को तीन महीने और EOW को 2 महीने में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि पेंडिंग मामलों का निपटारा समय पर होना चाहिए।
ऐसे किया था नान घोटाला
नान घोटाला फरवरी, 2015 में सामने आया था, जब ACB/EOW ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने वाली नोडल एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के 25 परिसरों पर एक साथ छापे मारे थे। छापे के दौरान कुल 3.64 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए थे। छापे के दौरान एकत्र किए गए चावल और नमक के कई नमूनों की गुणवत्ता की जांच की गई थी।







