सीएम और स्पीकर के आग्रह पर एक दिन पूर्व पहुंचेंगे पीएम नरेंद्र मोदी, सूर्य किरण एरोबेटिक टीम का करतब
शहर सत्ता/रायपुर। (25th Foundation Year 0f Chhattisgarh)छत्तीसगढ़ राज्योत्सव न केवल राज्य की विकास यात्रा का उत्सव है, बल्कि यह देशभक्ति, संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक भी है। इस बार वायु सेना की भागीदारी से राज्योत्सव का गौरव कई गुना बढ़ने जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर 1 नवंबर को रायपुर के आसमान में भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम गढ़ेगी रोमांच और गर्व का नया इतिहास। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष में आयोजित होने वाले राज्योत्सव पर भारतीय वायु सेना का शौर्य प्रदर्शन होगा। शौर्य प्रदर्शन में वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे। जो आसमान से पुष्प वर्षा भी करेंगे।
छत्तीसगढ़ की रजत जयंती यानि 25वें स्थापना वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित होने वाले राज्योत्सव 2025 में भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य प्रदर्शन राज्यवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। यह पहला अवसर होगा जब राज्योत्सव के मंच से वायु सेना की प्रतिष्ठित सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में रंग-बिरंगे करतब दिखाएगी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ गठन को 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और छत्तीसगढ में रजत जयंती स्थापना दिवस समारोह मनाया जाएगा। समारोह में शामिल होने का न्योता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने श्री मोदी को दिया था। श्री मोदी ने उसे स्वीकार कर लिया है।

राज्योत्सव में वायु सेना के शौर्य प्रदर्शन को लेकर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में विमानन विभाग एवं भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने डिजिटल प्रेजेंटेशन के जरिए तकनीकी और लॉजिस्टिक तैयारियों की जानकारी दी है। अपर मुख्य सचिव श्री साहू ने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय और समयबद्ध तैयारी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। विभागों पर आयोजन की रूपरेखा, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, दर्शक प्रबंधन और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी है।
एसीएस सुब्रत बोले-
“छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव में इस बार राज्य के नागरिकों को देश की वायु शक्ति का जीवंत प्रदर्शन देखने का एक दुर्लभ अवसर मिलेगा, जिसे हर स्तर पर सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए हमारी तैयारियां और सभी विभागों की जिम्मेदारियां निर्धारित हैं। राजधानी के आसमान में सूर्यकिरण एरोबेटिक की टीम अपने करतब से प्रदेशवासियों को रोमांचित करेंगी। यह जनमानस के लिए यादगार आयोजन होगा।”
क्या है सूर्यकिरण एरोबेटिक ?
सूर्यकिरण एरोबेटिक की टीम अपने सटीक और रोमांचक हवाई प्रदर्शन के लिए विश्वप्रसिद्ध है। 8 हॉक जेट विमानों से लैस यह टीम आकाश में त्रिशूल, पंखुड़ी, हार्ट शेप और राष्ट्रीय ध्वज जैसे अद्भुत आकाशीय चित्रों का निर्माण कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते है। साथ ही वायु सेना के विशेष हेलीकॉप्टर भी इस प्रदर्शन में भाग लेंगे, जो छत्तीसगढ़ के गौरवमयी अवसर को और भव्य बनाएंगे।

तैयारियों में जुटा विभाग
– लोक निर्माण विभाग
– परिवहन विभाग
– संस्कृति विभाग
– जनसंपर्क विभाग
– गृह एवं सामान्य प्रशासन विभाग
– रायपुर जिला प्रशासन
एक दिन पहले आएंगे पीएम
छत्तीसगढ़ राज्य को बने हुए इस एक नवंबर को 25 साल पूरे हो जाएंगे। इस बार का राज्योत्सव रजत जयंती वाला होगा। इसको यादगार बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने खास तैयारी की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करके उनको इसकी जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ आने का आग्रह किया था। श्री मोदी ने खास महोत्सव में शिरकत करने पर सहमति जता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार यहां पर दो दिनों तक रहेंगे। वे 31 अक्टूबर को यहां पहुंच जाएंगे। वे यहां पर रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद दूसरे दिन राजधानी में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसमें सबसे अहम विधानसभा भवन का लोकार्पण है। इसके बाद शाम को वे राज्योत्सव का उद्घाटन करेंगे। और भी कुछ कार्यक्रम इसमें जुड़ सकते हैं। अभी फाइनल कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।
नए विधानसभा भवन का लोकार्पण
छत्तीसगढ़ गठन के बाद विधानसभा पुराने भवन में संचालित होती रही है। अब नवा रायपुर में विधानसभा का नया भवन तैयार किया गया है। 300 करोड़ से ज्यादा की लागत वाले विधानसभा भवन में तीन प्रमुख विंग बनाए गए हैं। विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हॉल, तथा विंग-सी में उप मुख्यमंत्रियों एवं अन्य मंत्रियों के कार्यालय होंगे। विधानसभा के बी विंग को तेजी से पूरा किया जा रहा है। इंटीरियर का कार्य भी अंतिम चरण में है। विधानसभा 52 एकड़ में बना है। यह नवीन विधानसभा भवन आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर होगा। सदन में 200 विधायकों के बैठने की क्षमता के साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया गया है।







