0 आयोजन 11 जुलाई तक राजधानी रायपुर में 11 राज्यों के अधिकारी एवं आजीविका विशेषज्ञ होंगे शामिल, महिला उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम
शहर सत्ता/रायपुर। (Women Entrepreneurship In Chhattisgarh)भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन 9 से 11 जुलाई 2025 तक राजधानी रायपुर में होने जा रहा है। यह कार्यशाला दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। आयोजन में देश के 11 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारीगण, मिशन संचालक, आजीविका विशेषज्ञ, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबद्ध हितधारक सहभागी होंगे।

(Women Entrepreneurship In Chhattisgarh)कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव टी. के. अनिल, छत्तीसगढ़ शासन की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, भारत सरकार की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा तथा छत्तीसगढ़ शासन के सचिव भीम सिंह की उपस्थिति में होगा। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक जयश्री जैन ने बताया कि कार्यशाला की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। यह आयोजन ग्रामीण विकास में महिला नेतृत्व को और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करेगा। यह कार्यशाला भविष्य की ठोस रणनीतियों का आधार भी बनेगा, जिससे “लखपति दीदी” के रूप में लाखों महिलाओं को सशक्त किया जा सकेगा।

12 राज्यों के प्रतिभागी करेंगे सहभागिता
यह कार्यशाला मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु तथा आंध्रप्रदेश राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता का गवाह बनेगी।
भारत सरकार के दो सचिव करेंगे मार्गदर्शन
विशेष रूप से भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव शैलेश कुमार सिंह तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव एससी. एल. दास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। वहीँ मंगलवार को भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय टीके अनिल कुमार ने राजनांदगांव में आजीविका, जल संरक्षण और उद्यमिता कार्यों का किया निरीक्षण किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), मिशन जल रक्षा, स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम, वन स्टॉप फैसिलिटी और चना प्रोसेसिंग यूनिट सहित कई योजनाओं का जायजा लिया।

उपलब्धियां
– महिला स्वसहायता समूह की सदस्याएं हर्बल गुलाल, चंदन, सिंदूर, रोली, कुमकुम आदि उत्पादों का निर्माण और पैकेजिंग कर रही हैं।
– निर्माण और पैकेजिंग से जुड़ीं 75 महिलाओं को अब तक 181 मीट्रिक टन उत्पादन से 1 करोड़ 5 लाख 70 हजार रुपये की आमदनी हुई है।
– अचार-पापड़ निर्माण, मसाला बिक्री और कृषि उपज की प्रोसेसिंग जैसे कार्यों के जरिए कई महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।
– मार्केटिंग, ब्रांडिंग और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा, स्वरधारा महिला समूह द्वारा 65 लाख रुपये की बिक्री की।
– बिहान से जुड़ने के बाद रोज़गार के साथ ही देशभर में एक्सपो और प्रदर्शनियों और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक में भाग लेने का मौका मिला।





