अब तक वे 1500 से ज़्यादा गानों में अपनी आवाज़ दे चुके हैं। हालांकि, किसी नेशनल सिंगिंग कॉम्पीटिशन में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। उनके अनुसार, छॉलीवुड की ऑडियंस को म्यूजिक में ज़्यादा बदलाव पसंद नहीं आता। दूसरा कारण बजट और रिकवरी है। रिकवरी कम होने की वजह से गानों पर खर्च सीमित होता है, जिससे ऑडियो और रिकॉर्डिंग क्वालिटी पर असर पड़ता है।

फिर भी वे मानते हैं कि छॉलीवुड में कर्णप्रिय गीत बनते हैं, जिनमें दर्शकों का भरपूर प्यार मिलता है। अच्छे स्टूडियो मौजूद हैं, पर बजट सीमित होने के कारण तकनीकी गुणवत्ता में उतनी पकड़ नहीं बन पाती।

विवेक दीक्षित के डायरेक्शन में बतौर एक्टर उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वीडियो सॉन्ग ‘जान लेबे का’ से की थी। फिलहाल वे गंगासागर पंडा के निर्देशन पर बन रही छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘बली’ में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि जैसे गायन से लोगों का दिल जीता है, वैसे ही अभिनय में भी उन्हें सराहना मिले।

अनुराग कहते हैं, जो भी काम प्रोफेशनली करना चाहते हैं, पहले उस कला को वक्त दें, सीखें। सोशल मीडिया को एक टूल की तरह इस्तेमाल करें, लेकिन उसे इतना महत्व न दें कि वो आपके जीवन को प्रभावित करे।







