0 अस्थाई पुलिस अधीक्षक कार्यालय में राज्यसभा सांसद का कब्ज़ा
0 एसएसपी रायपुर को आवंटित शासकीय आवास में पूर्व DGP अवस्थी
शहरसत्ता/रायपुर Captain yearns for SSP office and government bungalow जब रसूखदार ही सरकारी भवन में बेजा कब्ज़ा करके बैठ जाएं तो बाहुबलियों और भू-माफियाओं को कौन रोकेगा। चौंकाने वाली बात यह है कि राजधानी रायपुर के पुलिस कप्तान के अस्थाई आवंटित दफ्तर और आवास की पजेशन उन्हें नहीं मिली है। रायपुर एसएसपी कार्यालय को अस्थाई तौर पर जो बंगला अलॉट किया गया था उसमें बीजेपी के राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह देव काबिज हैं और कप्तान को आवंटित शासकीय आवास पूर्व डीजीपी ने खली नहीं किया है।

रायपुर कलेक्टोरेट परिसर में कलेक्टर, एसपी समेत अन्य विभाग के लिए कम्पोजिट बिल्डिंग बनाने का प्लान है। इसके लिए टेंडर भी हो चुका है और काम जारी है। बिल्डिंग बनाने के लिए एसएसपी कार्यालय को खाली किया जाना है, इसलिए सिविल लाइन के बंगले को आवंटित किया गया है। इसके साथ ही एसएसपी रायपुर को भी शासकीय बंगला आवंटित किया गया है। संभावित अस्थाई एसएसपी कार्यालय सिविल लाइन के बस्तरबाड़ा के ठीक बाजू ही पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी का बांग्ला है। उनके द्वारा आवास खली किया जाना है। इसी बंगले में एसएसपी रायपुर डॉ लाल उमेद सिंह रहेंगे।बता दें कि फ़िलहाल एसएसपी सिंह अभी अपने निजी निवास में ही रह रहे हैं। जबकि पूर्व डीजीपी दुर्गेश माधव अवस्थी खुद के धरमपुरा स्थित निवास में शिफ्टिंग कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अभी भी पूर्व डीजीपी का पूरा सामान सरकारी आवास से गया नहीं है और श्री अवस्थी भी यहीं रह रहे हैं।
बंगले को लेकर मची है खींचतान
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी बंगले को लेकर फिर खींचतान देखी जा रही है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह देव ने सिविल लाइन के बस्तरबाड़ा पर अपने नाम की एक दो नहीं बल्कि पांच नेमप्लेट लगा दी है। हालांकि गृह विभाग ने यह बंगला एसएसपी कार्यालय के लिए आवंटित किया है। गृह विभाग ने इस संबंध में 30 जनवरी को आदेश जारी किया था, लेकिन उसके पहले ही बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने आदेश को नकारते हुए बंगले पर कब्जा जमा लिया है। इसी तरह एसएसपी को अलॉट शासकीय आवास भी अब तक रिक्त नहीं किया गया है।
कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी का तंज
कांग्रेस का कहना है कि सरकारी जमीन और सम्पत्ति पर अवैध कब्जा के नाम से विख्यात साय सरकार और भाजपा नेताओं ने अब सीधे रायपुर पुलिस कप्तान के आधिकारिक ऑफिस पर ही कब्जा कर लिया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद के अवैध कब्जे से रायपुर पुलिस कप्तान खुद परेशान हैं तो वो कैसे आम जानता को न्याय दिलवायेंगे। राजधानी रायपुर में लगातार अपराध बढ़ रहा है और अब पुलिस कप्तान के ऑफिस में कब्जा होना बेहद शर्मनाक है। गृहमंत्री विजय शर्मा स्पष्ट करें कि उनके ही निर्देश पर ही राज्यसभा सांसद ने रायपुर पुलिस कप्तान के ऑफिस में कब्जा किया है। यदि पुलिस कप्तान के ऑफिस में राज्यसभा सांसद निवास करेंगे तो क्या पुलिस कप्तान अपना ऑफिस रोड पर लगायेंगे?





