Sakti State Chhattisgarh : 156 साल पुरानी सक्ती रियासत के राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह का निधन

0 राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने हरी गुजर पैलेस में अंतिम सांस ली

शहर सत्ता/रायपुर। Sakti State Chhattisgarh : पूर्व केबिनेट मंत्री एवं सक्ती रियासत के राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने हरी गुजर पैलेस में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सुनते ही लोगो मे शोक की लहर दौड़ गई। आज 29 अप्रैल को दोपहर 2:45 बजे उन्होंने अंतिम सांसें लीन। उनके निधन की खबर से प्रदेश कांग्रेस से लेकर मध्य प्रदेश के पुराने कांग्रेसियों में शोक व्याप्त है।

वृद्धावस्था और उम्रजन्य समस्याओं से स्वर्गीय सक्ती महाराज लम्बे वक्त से जूझ रहे थे। बता दें कि सुरेंद्र बहादुर सिंह तत्कालीन मध्य प्रदेश में सबसे खाटी राजनेताओं में गिने जाते थे। कांग्रेस की सियासत में भी उनका ऊंचा मुकाम था। सक्ती रियासत के राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह की मजबूत सियासी शख्सियत ऐसी थी कि जब भी वो भोपाल प्रवास करते तो उनके राजनीतिक दुश्मन भी सियासी आशंकाओं से दुबक जाते थे। उनके जानने वाले बताते हैं कि राजा साहब सचुनाव में खड़े होते थे तो कहीं भी वोट और उन्हें चुनाव में जीत दिलाने की हाथ जोड़कर विनती वाला पोस्टर भी नहीं लगते थे। उनका सियासी सफर काफी दबंगई भरा रहा और तात्कालीन मध्य प्रदेश में छत्तीसगढ़ खासकर सक्ती, बिलासपुर, जांजगीर का वर्चस्व बरक़रार रहा।

राजा सक्ती के सामने दिग्विजय भी थे नतमस्तक

कांग्रेस राजनीति में चाणक्य मने जाने वाले दिग्विजय सिंह भी राजा सक्ती की सियासी बखत का अंदाजा लगा चुके थे। मध्य प्रदेश की राजनीती से किनाराकश कर चुके एक वरिष्ठ कांग्रेसी ने हमें एक बार का वाक्या बताया जिसमें राजा साहब के जन्मदिन के मौके पर दिग्गी राजा ने उन्हें एक महंगी पेन गिफ्ट की, राजा सक्ती ने पेन को उलट-पलट कर देखा और कीमत पूछने के बाद चुटकी लेते हुए कहा था क्यों दिग्गी एक राजा को दूसरा राजा कैसी गिफ्ट देते हैं तुम्हें अंदाज़ा नहीं है। और यह कहते हुए उन्होंने अपनी शर्ट की ऊपरी जेब से एक चमचमाती गोल्ड मेड पेन निकाले और उनको थमते हुए कहा था पेन की ढक्कन में ऊपर हिरा भी जड़ा है रख लो। यह किस्सा जब हुआ तब चश्मदीद कांग्रेसी वहां मौजूद थे।

राजकुमार कॉलेज विवाद के बाद शुरू हुआ डाउन फॉल

छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद मध्य प्रदेश की सियासत के सितारे रहे राजा सुरेंद्र बहादुर छत्तीसगढ़ निर्माण और अजित जोगी शासन काल में ज्यादा परेशान और कमजोर होते गए। उनका ऐतिहासिक राजकुमार कॉलेज में एक तरह से अकेले आधिपत्य ज़माने, सॉफ्ट लोन के नाम पर कथित तौर पर कॉलेज को गिरवी रखने की कोशिश और आजीवन राजकुमार कॉलेज प्रबंधन कमेटी का अध्यक्ष बने रहने वाले कथित प्रयासों के अलावा महंगे शौक ने सभी राजाओं को उनका विरोधी बना दिया था। लंबे आरकेसी विवाद और संघर्ष के बाद ही सरगुजा महाराज कहे जाने वाले टीएस सिंहदेव की रजवाड़ों के कॉलेज में एंट्री हुई थी। तब से आज तक अब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव आरकेसी के सबसे ताकतवर राजा कहलाते हैं।

सक्ती रियासत में गद्दी और संपत्ति को लेकर विवाद

धर्मेंद्र सक्ती रियासत के 5वें राजा घोषित किये गए थे। राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह की रजामंदी के पश्चात् ही उनका राज्याभिषेक करीब 4 साल पूर्व किया गया था। तभी से रिश्तेदारों और पैलेस से ब्लड लाइन ही नहीं वफादारी निभाने वालों के बीच गद्दी-संपत्ति को लेकर खींचतान मच गई थी। मामला कोर्ट तक चला गया था और कोर्ट ने रोक भी लगा रखा था। पूर्व मंत्री और सक्ती राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह की पत्नी गीता राणा सिंह करीब 4-5 माह पहले 30 साल बाद नेपाल से लौटी थीं। उन्होंने बयान जारी कर आरोप लगाया था कि उनके पति (राजा) के नौकर संपत्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं। वहीं सुरेंद्र बहादुर ने भी जांजगीर एसपी को लिखित शिकायत देकर कहा था कि रानी उनकी जानकारी और इजाजत के बगैर महल में रहने लगी हैं।

रियासत 156 साल पुरानी, धर्मेंद्र राजा बनने वाले दूसरे दत्तक पुत्र

सक्ती रियासत का इतिहास 156 साल पुराना है। 1865 में 14 रियासतों का गठन हुआ था। उस समय सक्ती छोटी रियासत थी। इसके सबसे पहले राजा हरि गुजर हुए। धर्मेंद्र इस रियासत का राजा बनने वाले दूसरे दत्तक पुत्र हैं। उन्हें सुरेंद्र बहादुर सिंह ने गोद लिया था। इनसे पहले राजा रुपनारायण ने अपने छोटे भाई चित्रभान सिंह के बेटे लीलाधर को गोद लिया था। आज से 107 साल पहले सन 1914 में रूपनारायण के दत्तक पुत्र लीलाधर राजा बने थे। 18 वर्ष की उम्र में 1960 में सुरेंद्र बहादुर सिंह राजा बने थे।

SUKANT RAJPUT

जन्म 13 अगस्त 1973 को राजधानी रायपुर में हुआ। मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश ग्राम चौरंग, कुंडा जिला प्रतापगढ़ से जुडी हैं। मुझे शिक्षक माता-पिता, विख्यात सर्प विशेषज्ञ डॉ अर्जुन सिंह रंगीला का पौत्र और छत्तीसगढ़ राजिम-धमतरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम पाल सिंह बिसेन का नाती होने का गौरव प्राप्त है। स्कूल से लेकर कॉलेज MA(PUB.ADD.) BJMC तक की शिक्षा रायपुर में ही ग्रहण किया। एनसीसी एयर विंग से 'ए' 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट तीन नेशनल कैंप का तत्कालीन मध्य प्रदेश में रायपुर, भोपाल और इंदौर का नेतृत्व किया। रायपुर थ्री एमपी (अब सीजी) एयर स्क्वॉर्डर्न से सर्वाधिक ग्लाइडिंग फ़्लाइंग की शॉर्टिज करके 1995 में ग्लाइडर पायलट यतेंद्र सिंह राणा सर की कमान में सोलो फ़्लाइंग किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में मातृ संसथान दैनिक हरिभूमि में वर्ष 2000 में डेस्क में विज्ञप्ति बनाने से शुरुआत हुई। लगभग 15 साल हरिभूमि, फिर इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल स्टैंडर्ड वर्ल्ड 'वाच' चैनल, पत्रिका, दबंग दुनिया, समवेत शिखर, अमनपथ और जनता से रिश्ता मिड डे अख़बार में भी विभिन्न पदों पर कार्यरत था। वर्तमान में शहर सत्ता साप्ताहिक अख़बार में बतौर प्रधान संपादक हूं।

Related Posts

Congress President Posted on X : कांग्रेस अध्यक्ष ने PM को कहा पीएम आउट ऑफ रीच और जुमलेबाज

खड़गे बोले- युवा रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा, पीएम आउट ऑफ रीच; नाकामी छिपाने के लिए जुमले लाए, कभी ‘नाराज फूफा’ तो कभी ‘दिमागी नक्सल’ जैसी बातें कही शहर सत्ता/न्यूज़ डेस्क।…

Continue reading
Pradhan Mantri Awas Yojana : टपकती छत, सीलन भरे मिट्टी के कच्चे से पक्के मकान तक का सफर

विष्णु के सुशासन में पीएम आवास योजना के हितकारी अमर सिंह समेत उसके परिवार की जिंदगी हुई खुशनुमा शहर सत्ता/रायपुर। (Pradhan Mantri Awas Yojana)विष्णु के सुशासन में पीएम आवास योजना…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें

विकास के आंकड़ों के बीच जेब क्यों हो रही ढीली

विकास के आंकड़ों के बीच जेब क्यों हो रही ढीली

मकानों में कारोबार, गली-मोहल्लों में बाजार, निगम के नियम तार-तार, आंखें खोलो सरकार…!

मकानों में कारोबार, गली-मोहल्लों में बाजार, निगम के नियम तार-तार, आंखें खोलो सरकार…!

Shaharsatta (07 Sep to 13 Sep 2026)

Shaharsatta (07 Sep to 13 Sep 2026)

Congress President Posted on X : कांग्रेस अध्यक्ष ने PM को कहा पीएम आउट ऑफ रीच और जुमलेबाज

Congress President Posted on X : कांग्रेस अध्यक्ष ने PM को कहा पीएम आउट ऑफ रीच और जुमलेबाज

Pradhan Mantri Awas Yojana : टपकती छत, सीलन भरे मिट्टी के कच्चे से पक्के मकान तक का सफर

Pradhan Mantri Awas Yojana : टपकती छत, सीलन भरे मिट्टी के कच्चे से पक्के मकान तक का सफर

Bhupesh Removed From Punjab : पंजाब कांग्रेस को क्यों एकजुट नहीं कर पाए भूपेश ?

Bhupesh Removed From Punjab : पंजाब कांग्रेस को क्यों एकजुट नहीं कर पाए भूपेश ?