रायपुर। सीजीएमएससी में भ्रष्टाचार के मामले में ईओडब्ल्यू ने पांच अफसरों को गिरफ्तार किया है। ये अफसर खुद को फायदा पहुंचाने सीजीएमएसी को 411 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा चुके हैं। 5 अधिकारियों में वसंत कौशिक (महाप्रबंधक) , डॉ. अनिल परसाई (डिप्टी डायरेक्टर, हेल्थ डिपार्टमेंट), शिरौंद्र रावटिया, कमलकांत पाटनवार और दीपक बांधे को 7 दिन की EOW की रिमांड पर सौंपा गया है। 28 मार्च तक पांचों आरोपी EOW की रिमांड पर रहेंगे। रायपुर की स्पेशल कोर्ट में सभी को आज पेश किया गया।
इन सभी अधिकारियों को पूछताछ के लिए शुक्रवार को EOW दफ्तर बुलाया गया था। जिसके बाद उन्हें देर शाम गिरफ्तार किया गया था। अफसरों ने 8 रुपए का ट्यूब 2,352 में और 5 लाख की मशीन 17 लाख में खरीदी थी।
दरअसल, CGMSC घोटाले में अधिकारियों और कारोबारियों ने सरकार को 411 करोड़ रुपए का कर्जदार बना दिया। IAS, IFS समेत अफसरों ने मिलीभगत कर सिर्फ 27 दिनों में 750 करोड़ रुपए की खरीदी कर ली। इस केस में मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा EOW की रिमांड पर है।
CGMSC के अधिकारी, मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड्स और मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज और सीबी कार्पोरेशन ने 8 रुपए में मिलने वाला EDTA ट्यूब 2,352 रुपए और 5 लाख वाली CBS मशीन 17 लाख में खरीदी। मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ने 300 करोड़ रुपए के रीएजेंट भी खरीदा।







