पूर्व-MLA के पोते के घर दबिश, पूर्व आबकारी-आयुक्त के घर छापा, रायपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव, धमतरी सहित 20 ठिकानों पर जांच
शहर सत्ता/रायपुर। (ACB-EOW Raids 19 Locations)शराब घोटाले और DMF से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ाते हुए टीमों ने रविवार तड़के करीब 19 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर में ACB-EOW की टीमों ने छापेमारी की है। इस कार्रवाई पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा ACB-EOW डराने-धमकाने और पैसा वसूलने का काम कर रही है। लोगों को फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है। यह कार्रवाई भाजपा नेताओं के यहां नहीं होती, न ही उनके व्यापारियों के घर एक्शन होता है। जिनसे वसूली हो सकती है, सिर्फ उन्हीं के यहां टीम पहुंचती है।
DMF घोटाले में हरपाल सिंह अरोड़ा और उनसे जुड़े व्यक्तियों और ठेकेदारों के यहां रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, कोंडागांव, धमतरी और बलरामपुर मिलाकर 11 स्थानों पर सर्च की गई। वहीं शराब घोटाला प्रकरण में जेल में बंद अनिल टुटेजा और निरंजन दास के परिजनों से जुड़े बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और बस्तर के 8 ठिकानों पर छापे मारे गए।

अंबिकापुर में सप्लायर अमित अग्रवाल के घर भी दबिश दी गई।
जांच टीम ने जुटाए ये साक्ष्य
कार्रवाई के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। एजेंसी ने बताया कि सभी जब्त सामग्री को जांच में शामिल किया जा रहा है और दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।
इनके घर दबिश, ये मिला
0 रायपुर में लॉ-विस्टा कॉलोनी में कारोबारी और सप्लायर हरपाल अरोरा के निवास पर भी कार्रवाई हुई। दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। वहीं धमतरी की पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते केतन दोषी के महालक्ष्मी ग्रीस स्थित घर में भी दबिश दी। केतन रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। यहां करीब 4 घंटे तक जांच के बाद टीम कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गई।

रायपुर में हरपाल अरोरा हाउस में कार्रवाई की गई।
0 इसके अलावा सरगुजा में EOW-ACB की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी सप्लायर अमित अग्रवाल के ठिकानों पर रेड की। छापेमारी में डॉ. अहमद के घर से 17 लाख कैश और करोड़ों की कीमत के जमीन के दस्तावेज मिले हैं।
0 कोंडागांव में कारोबारी कोणार्क जैन के घर और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। कोणार्क जैन वर्ष 2019-20 में DMF सप्लाई कार्यों से जुड़े रहे थे। टीम ने यहां दस्तावेजों और लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की है।







