0 नव नियुक्त सिविल जज प्रारंभिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण का समापन सत्र आयोजित
शहर सत्ता/रायपुर/बिलासपुर। (Chief Justice Ramesh Sinha Said)छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के विवेकानंद सभागार में आज नव नियुक्त सिविल जज (कनिष्ठ वर्ग) प्रारंभिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण के समापन सत्र के मौके पर मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय रमेश सिन्हा ने कहा, संवेदनशीलता और दृढ़ता का संतुलन ही एक सच्चे न्यायाधीश की पहचान है। मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा ने संबोधन में अपने अमूल्य विचार प्रशिक्षु न्यायाधीशों के साथ साझा किए। उन्होंने न्यायिक कार्यप्रणाली में निष्ठा, संवेदनशीलता एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के महत्व को रेखांकित किया और युवा न्यायाधीशों को विनम्रता एवं करुणा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए सदैव विधि के विद्यार्थी बने रहने का आह्वान किया।

(Chief Justice Ramesh Sinha Said)मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा ने कहा कि नागरिकों के लिए न्याय प्राप्ति का पहला संपर्क बिंदु न्यायपालिका में प्रवेश स्तर पर न्यायाधीश होते हैं और पक्षकारो की न्यायपालिका के प्रति धारणा प्रायः न्यायालय में न्यायाधीशों के आचरण से ही निर्मित होती है। अतः शिष्टाचार, समयनिष्ठा और करुणा को उनके न्यायिक चरित्र का अभिन्न अंग बनना चाहिए। उन्होनें कहा कि संवेदनशीलता और दृढ़ता का संतुलन ही एक सच्चे न्यायाधीश की पहचान है। वे सभी स्मरण रखें कि न्यायाधीशों का पहनावा केवल एक वस्त्र नहीं है, यह समाज द्वारा न्यायाधीशों पर जताए गए विश्वास का प्रतीक है।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्रीमती रजनी दुबे, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल एवं उच्च न्यायालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक द्वारा तथा आभार प्रदर्शन अतिरिक्त निदेशक द्वारा प्रस्तुत किया गया।







