रायपुर। राजधानी के अरबिंदो मेडिकल रिसर्च सेंटर, पंचपथी नाथन (अरबिंदो नेत्रालय) पर एक गंभीर लापरवाही का आरोप सामने आया है। 2015 में यहां दोनों आंखों का ऑपरेशन कराने वाली युवती की हालत अब तक सुधर नहीं पाई है।

पीड़िता की आंखों में पहले तिरछापन था, लेकिन ऑपरेशन के बाद हालत और बिगड़ गई, अब उसे एक की जगह दो दिखाई देने लगा। ऑपरेशन के बाद जब 1 महीने में भी समस्या ठीक नहीं हुई, तो डॉक्टरों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद 2025 में अदालत ने माना कि गलत ऑपरेशन के कारण पीड़िता की जिंदगी बर्बाद हुई है। अदालत ने अस्पताल प्रबंधन को 5 लाख 80 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
पीड़िता के वकील का कहना है—
> “यह केवल क्षतिपूर्ति का मामला नहीं है, बल्कि जांच और कार्रवाई की जरूरत है। पता चलना चाहिए कि कितनों की जिंदगी ऐसे बर्बाद हुई है।”
अस्पताल प्रबंधन ने अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शिकायत मिलते ही नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी।
जन्म 13 अगस्त 1973 को राजधानी रायपुर में हुआ। मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश ग्राम चौरंग, कुंडा जिला प्रतापगढ़ से जुडी हैं। मुझे शिक्षक माता-पिता, विख्यात सर्प विशेषज्ञ डॉ अर्जुन सिंह रंगीला का पौत्र और छत्तीसगढ़ राजिम-धमतरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम पाल सिंह बिसेन का नाती होने का गौरव प्राप्त है। स्कूल से लेकर कॉलेज MA(PUB.ADD.) BJMC तक की शिक्षा रायपुर में ही ग्रहण किया। एनसीसी एयर विंग से 'ए' 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट तीन नेशनल कैंप का तत्कालीन मध्य प्रदेश में रायपुर, भोपाल और इंदौर का नेतृत्व किया। रायपुर थ्री एमपी (अब सीजी) एयर स्क्वॉर्डर्न से सर्वाधिक ग्लाइडिंग फ़्लाइंग की शॉर्टिज करके 1995 में ग्लाइडर पायलट यतेंद्र सिंह राणा सर की कमान में सोलो फ़्लाइंग किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में मातृ संसथान दैनिक हरिभूमि में वर्ष 2000 में डेस्क में विज्ञप्ति बनाने से शुरुआत हुई। लगभग 15 साल हरिभूमि, फिर इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल स्टैंडर्ड वर्ल्ड 'वाच' चैनल, पत्रिका, दबंग दुनिया, समवेत शिखर, अमनपथ और जनता से रिश्ता मिड डे अख़बार में भी विभिन्न पदों पर कार्यरत था। वर्तमान में शहर सत्ता साप्ताहिक अख़बार में बतौर प्रधान संपादक हूं।