
रायपुर/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में शनिवार को मौसम का कहर मौत बनकर टूटा। तेज गरज-चमक के बीच आसमान से गिरी बिजली ने तीन लोगों की जान ले ली, वहीं आठ लोग घायल हो गए। रायपुर में एक युवक मोबाइल पर गेम खेल रहा था, तभी बिजली उसके हाथ में पकड़े मोबाइल पर आ गिरी, जिससे धमाका हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी ओर, बलरामपुर में खेत में काम कर रहे ग्रामीणों पर बिजली गिरी, जिसमें दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
⚡ रायपुर में खेलते-खेलते टूट पड़ी आफ़त: मोबाइल पर बिजली गिरते ही धमाका, युवक की मौत
शनिवार दोपहर रायपुर के भावना नगर, खम्हारडीह थाना क्षेत्र में तीन युवक छत पर बैठे मोबाइल पर गेम खेल रहे थे। दोपहर लगभग 1 बजे अचानक आसमान से एक तेज चमक और आवाज के साथ बिजली गिरी, जो सीधा हाथ में पकड़े मोबाइल फोन पर आ लगी।
बिजली गिरते ही मोबाइल जोरदार धमाके से फट गया। हादसे में यूपी के गोरखपुर निवासी सन्नी (उम्र लगभग 22 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य युवक बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सन्नी मजदूरी के सिलसिले में रायपुर आया हुआ था और भावना नगर इलाके में रह रहा था।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी है।
🌾 बलरामपुर में खेत बना मौत का मैदान: बिजली गिरने से दो की मौत, छह घायल
दूसरी घटना बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बेलसर में घटी। यहां ग्रामीण खेत में काम कर रहे थे, तभी शाम के वक्त अचानक आकाशीय बिजली ने खेत को चपेट में ले लिया।
इस हादसे में मनेश्वर अगरिया (18) और सुवेश्वर नगेशिया (37) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बिजली गिरने से 6 अन्य ग्रामीण घायल हुए, जिन्हें तत्काल शंकरगढ़ सीएचसी में भर्ती कराया गया।
घायलों में शामिल हैं:
-
संतोष तिग्गा (40)
-
सुशीला तिग्गा (35)
-
संतोष अगरिया (24)
-
धनेश्वर अगरिया (19)
-
लोखनाथ (55)
-
मनरखन (25)
(सभी निवासी ग्राम बेलसर)
थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
🔍 कैसे बनती है बिजली और क्यों बनती है जानलेवा?
विज्ञान कहता है कि जब बादलों में विपरीत चार्ज जमा होते हैं और वे आपस में टकराते हैं, तो इससे घर्षण उत्पन्न होता है। यह घर्षण ऊर्जा बनकर बिजली के रूप में धरती पर गिरती है।
बिजली गिरने के दौरान वह सबसे पहले किसी धातु, जल स्रोत, पेड़ या मोबाइल जैसे उपकरण की ओर आकर्षित होती है। यदि कोई व्यक्ति उस समय उस माध्यम से जुड़ा हो, तो वह चार्ज को पास करने वाला सबसे तेज़ और प्रभावी कंडक्टर बन जाता है — और यही बनता है जानलेवा कारण।
🛑 ऐसे करें सावधानी: बिजली से बचने के उपाय
-
बारिश या गरज-चमक के समय मोबाइल या लैपटॉप का प्रयोग न करें।
-
खुले स्थान, पेड़ों या छत पर रुकने से बचें।
-
खेतों या जल स्रोतों से दूरी बनाए रखें।
-
अगर घर में हैं तो धातु के उपकरणों से दूर रहें और इलेक्ट्रॉनिक सामानों को प्लग से निकाल दें।
⚠️ जनता की मांग: मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और जागरूकता अभियान जरूरी
इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि पीड़ितों को आर्थिक सहायता दी जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली से सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाए।







