0 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भी दी चेतावनी, आज से केम्पस 02 प्रशासनिक भवन के गेट पर धरने में बैठे कर्मचारी
शहर सत्ता/खैरागढ़/रायपुर। (Memorandum To The President & Governor)छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) इकाई ने बुधवार को दो अलग-अलग ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपे। पहला ज्ञापन इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ.) लवली शर्मा द्वारा गैर-शिक्षक कर्मचारियों पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम दिया गया।। वहीं दूसरा ज्ञापन मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम 11 सूत्रीय लंबित मांगों के निराकरण को लेकर सौंपा गया।।
फेडरेशन के जिला संयोजक ने कहा कि कुलपति जैसे गरिमामयी पद पर बैठे व्यक्ति को अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों का सम्मान करना चाहिए।।(Memorandum To The President & Governor) “हमने अब तक अपने चरणबद्ध आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखा है।।संघ के किसी भी सदस्य ने कुलपति या विश्वविद्यालय के विरुद्ध कोई अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं किया।। लेकिन कुलपति प्रो (डॉ) लवली शर्मा के द्वारा हमें ‘अभिशाप’ कहना अत्यंत निंदनीय है।। यदि वे सार्वजनिक रूप से क्षमा नहीं मांगतीं, तो हम ऐसी कुलपति को बर्दाश्त नहीं करेंगे।।”
फेडरेशन के जिला महासचिव व ब्लाक शिक्षा अधिकारी छुईखदान रमेंद्र कुमार डड़सेना ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भी (Memorandum To The President & Governor)ज्ञापन सौंपा गया है।। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी मांगों की अनदेखी की गई, तो संघ 22 अगस्त से प्रदेशव्यापी जंगी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।। ज्ञापन में कुलपति प्रो (डॉ) लवली शर्मा के बयान को न सिर्फ कर्मचारियों का अपमान बताया गया।। बल्कि इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध भी करार दिया गया है।







