477 ड्रोन और 60 मिसाइलें दागीं; यूक्रेन ने 475 हमले रोके, 6 लोग घायल

कीव/मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर तीव्र हवाई संघर्ष के केंद्र में आ गया है। रविवार रात रूस ने यूक्रेन पर 477 ड्रोन और 60 मिसाइलों से अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इनमें से यूक्रेनी वायु सेना ने 475 हमलों को नाकाम करने का दावा किया है।
इस हमले के दौरान एक F-16 फाइटर जेट रूसी मिसाइल का निशाना बन गया, जिससे उसके पायलट पावलो इवानोव की मौत हो गई। यूक्रेन ने बताया कि पायलट ने हमले के दौरान 6 मिसाइलें मार गिराईं, लेकिन आखिरी टारगेट को हिट करते वक्त तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट विमान को आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाने में सफल रहे, लेकिन समय रहते इजेक्ट नहीं कर सके।
हमले में नागरिक क्षेत्र भी प्रभावित
रूसी हमलों में यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा और 6 लोग घायल हो गए। हालांकि यूक्रेन का कहना है कि वायु रक्षा प्रणालियों ने ज्यादातर हमलों को नाकाम किया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
क्रीमिया एयरबेस पर यूक्रेन का जवाबी हमला
इस हमले से पहले 28 जून की सुबह यूक्रेन ने क्रीमिया स्थित किरोव्स्के एयरबेस पर ड्रोन हमला किया था।
यूक्रेनी सुरक्षा सेवा (SBU) के मुताबिक हमले में रूस के कई Mi-8, Mi-26, Mi-28 अटैक हेलिकॉप्टर और एक पैंटसिर-S1 वायु रक्षा प्रणाली तबाह की गई।
हालांकि रूस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
बातचीत के संकेत, लेकिन जमीन पर जंग तेज
27 जून को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि मास्को शांति वार्ता के नए दौर के लिए तैयार है। उन्होंने इस्तांबुल में बातचीत की पेशकश की थी, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट दिखे।
अब तक हुई वार्ताओं में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है, और संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
युद्ध की पृष्ठभूमि: कैसे पहुंचा संघर्ष यहां तक
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फरवरी 2022: पुतिन के आदेश पर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने कड़ा विरोध जताया।
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फरवरी 2025: अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन से 90 मिनट बात की और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को ‘तानाशाह’ बताया।
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मई 2025: युद्ध समाप्ति के प्रयास तेज हुए। कैदी अदला-बदली हुई, लेकिन क्षेत्रीय नियंत्रण और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बनी।
युद्ध का नया चरण?
विशेषज्ञों के अनुसार, यूक्रेन के पास अब F-16 जैसे एडवांस फाइटर जेट हैं, लेकिन रूस की मिसाइल प्रणाली अब भी खतरनाक रूप से सक्षम है। दोनों पक्षों के बीच हालिया हमलों से साफ है कि संघर्ष अब अधिक तकनीकी, हवाई और रणनीतिक हो चला है, जिसमें शांति वार्ता और जमीनी स्थिति एक-दूसरे से बिलकुल उलट दिशा में बढ़ रहे हैं।








