0 लोकेशन करते हैं चेंज, फिर बैठती है 2 से 8 करोड़ रूपये की फड़
शहर सत्ता/ रायपुर। राजिम और गरियाबंद में पिछले 7 साल से एक ही शातिर जुएं की फड़ (CRIME) का बेताज बादशाह बना बैठा है। आईजी रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा को मातहत अँधेरे में रखे हैं। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर, रासुका और जिलाबदर का ख़िताब हासिल छोटू भांडुलकर की फड़ अब 200 जुआरियों का आंकड़ा छूने लगी है। जुएं की फड़ का अगर रुपयों में हिसाब लगाएं तो यह रोजाना 3 से 8 करोड़ का धंधा हैं। छोटू भांडुलकर सिर्फ नाम का छोटा है सियासी रसूख बड़ी है। इसकी फड़ में हारने वालों को बाकायदा उधार देने के लिए फाइनेंसर भी उपलब्ध हैं। शहर सत्ता के क्राइम रिपोर्टर ने विशेष प्रयासों से एक स्टिंग किया। जिसमें भांडुलकर के गोरखधंधे की रियासत का सबूत बयान करती तस्वीरें और करीबियों द्वारा बताये गए राज तथा उसके लोकेशन को ट्रेस किया गया है।

शहर सत्ता ने की पड़ताल और बनाया वीडियो
नशे के साथ-साथ जुएँ पर भी नकेल कसने की जद्दोजहद
छगपु. लगातार नशे के साथ-साथ पूरे प्रदेश में जुएँ पर भी नकेल कसने की जद्दोजहद मे लगी हुई है तो (CRIME) वही दूसरी और राजिम के नयापारा निवासी भांडुलकर बाप बेटे पर पुलिस विभाग से लेकर स्थानीय नेता भी मेहरबान है। प्रदेश के तीन जिलों में सिर्फ छोटू भांडुलकर का जुआ पिछले 7 साल से फल फूल रहा है। राजिम का रहने वाला छोटू भांडुलकर हत्या के मामले में भी जेल जा चुका है । गुर्गे और बेटा दावा करते नही थकते की तीनो जिलों की पुलिस हमारे रेंज में है।

पुलिस रेंज रायपुर कार्यालय तक जाता है लाखों रूपये नजराना
जुआरियों का दावा है कि कोई भी शिकायत कर ले पुलिस हमारे अड्डे मे कभी छापा नहीं मारेगी।(CRIME) इस दावे के पीछे की वजह की बात करे तो, सूत्र बताते हैं की रेंज के आला अफसरों को भी 8 लाख रूपए बतौर नजराना जाता है। इन दावों में कितनी सच्चाई है यह जांच का विषय है। भूपेश सरकार मे राजनीति मे भी छोटू भांडुलकर की पत्नी को पार्षद बना कर अपने जुए के काले कारोबार को और बढ़ाया है जो की सत्ता परिवर्तन के बाद भी धड़ल्ले से जारी है। वहीँ छोटू भांडुलकर पर अब तक 50 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं जिसके चलते यह दो दर्जन से ज्यादा बार जेल भी जा चूका है।

शहर सत्ता ने की पड़ताल और बनाया वीडियो
हत्या लूट डकैती समेत रासुका का अपराध
राजिम के नयापारा की पार्षद संध्या राव भांडुलकर का पति और शातिर अपराधी (CRIME) छोटू भांडुलकर के ऊपर लगभग 54 से ज्यादा गंभीर अपराध दर्ज हैं। जिसमे हत्या, लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, नारकोटिक्स एक्ट समेत जुआ फड़ संचालित करने के मामले में भी दर्जनों बार जेल की हवा खा चूका है। वहीँ छोटू भांडुलकर को रासुका लगा कर जिला बदर भी किया जा चूका है। इतने सारे अपराध दर्ज होने के बाद भी कांग्रेस के एक बड़े नेता के उसकी पार्षद पत्नी के करीबी होने की वजह से कांग्रेस शासनकाल से अब तक कोई भी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।

जुआ फड़ चलाने वाला करोड़ों की संपत्ति का मालिक
जानकारी के मुताबिक रायपुर, धमतरी और गरियाबंद जिले में (CRIME) जुआ फड़ संचालित करने वाला निगरानी बदमाश छोटू भांडुलकर के पास करोड़ों की अवैध और अघोषित संपत्ति होने का भी करीबी दावा करते है। जानकारी के अनुसार इसने कुछ ही समय में अपनी पत्नी के राजनितिक रसूख और जुआ फड़ की बदौलत जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर करने तक का आरोप है। पार्षद पति छोटू भांडुलकर लक्जरी गाडी एमजी हेक्टर, थार और फार्चूनर जैसी गाड़ियां में जलवा अफरोज होता है। सूत्र बताते हैं की भांडुलकर ने जुए में हारे कुछ ग्रामीणों की जमीन जायदाद भी अपने कब्जे में रख लिया है।

शहर सत्ता ने की पड़ताल और बनाया वीडियो
तोमर बंधुओं जैसी बाप-बेटे की जोड़ी
सूत्र यह भी तस्दीक करते हैं की (CRIME) छोटू भांडुलकर ने अपने बेटे आदित्य राव उर्फ़ बाबू को कांग्रेस की भूपेश सरकार में नयापारा के पारागांव और पितईबंद में अवैध रेत खनन के धंदे में उतारा था। जिसमे उसके सहयोगियों ने भी छोटू के कहने पर पैसा लगाया था। जिसकी आजतक वापसी नहीं हुई है और इस धंधे में बर्बाद हुए कारोबारी आज भी अपनी डूबी रकम की वापसी के लिए भांडुलकर परिवार का चक्कर लगा रहे हैं। साथ ही जिस भी व्यापारी ने इनसे अपनी रकम दमदारी से वापस मांगने की कोशिश की उनकी जेसीबी जैसी गाड़ियों को इसने पुलिस के साथ सांठ गाँठ कर थाने में जब्त करवा दिया जो की आज भी वहीँ सड़ रही हैं। वहीँ रेत खदान के धंधे में लोगों का पैसा डुबाकर आदित्य राव भांडुलकर अपने परिवार के मूल धंधे यानी जुए के कारोबार में सहयोगी बन बैठा है।

फड़ में आते हैं प्रदेश भर के जुआड़ी
प्रदेश भर के प्रोफेशनल जुआड़ी बेझिझक रात भर जुए का दांव लगाने आते हैं। जिसमे की कवर्धा, बिलासपुर, जांजगीर, भिलाई दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, महासमुंद, बागबाहरा, राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश से लगभग 200 से अधिक जुआड़ी रात भर लाखों के जुएं में शिरकत करते हैं। साथ ही प्रदेश के जुआ फड़ में फाइनेंस करने के लिए भी राज्य के माफियाओं और गुंडे बदमाशों के गुर्गे भी फड़ में मोटी रकम लेकर तैनात रहते हैं और हारे हुए खिलाड़ियों को भारी ब्याज दर में खेलने के लिए पैसा उधारी देते हैं। कई खिलाडियों को उनकी गाडी, ज्वेलरी, संपत्ति के एवज में पैसे दिया जाता है। जिसमे छोटू भांडुलकर एंड कंपनी का भी परसेंट कट तय रहता है।

जुए के पैसों से घरवाली की राजनीति चमकाने की कोशिश
पत्नी संध्या राव भांडुलकर के पार्षद चुनाव में धन और बाहुबल लगा दिया था। पानी की तरह अपनी कमाई खर्च करने के बाद भी नगर पालिका उपाध्यहक्ष बनाने का उसका सपना अधूरा ही रह गया। जिसके चलते अब वह जुए के पैसे और कांग्रेस के बड़े नेताओं के करीबी होने का लाभ उठाते हुए आगामी विधानसभा चुनाव के मैदान में अपनी पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी में है ताकि उसका राशूक़ बढ़ सके और उसका जुए का कारोबार और भी ज्यादा बेहतर तरीके से फल फूल सके।
शहर सत्ता ने की पड़ताल और बनाया वीडियो
छोटू भांडुलकर पुलिस, नेता और परिवार की शह पर संचालित इस अवैध कारोबार की जानकारी मिलते ही शहर सत्ता की टीम ने इसकी पड़ताल शुरू की और राजिम की महानदी रिवर शमशान घाट के करीब खुले मैदान में लोकेशन थी। जिसके प्रमाण स्वरुप हमारे पास इस खबर से जुड़े वीडियो और जुआ खिलाने वाली जगहों की लोकेशन भी मौजूद है। और खिलाडी भी बड़ी संख्या में बैठे दिख रहे हैं। वीडियो स्टिंग के दौरान बीच मैदान में सोलर बैटरी लाइट की रौशनी में दांव लग रहा था।
भांडुलकर का धंधा एक नजर
0 एंट्री फ़ीस प्रति व्यक्ति प्रति घंटा 500 रूपये है
0 खिलाडियों से चकरी का 8% वसूलते हैं नाल
0 उधारी देने वाले फाइनेंसरों से लेते हैं रोजाना 5% ब्याज
0 माफिया और गुंडे बदमाशों का पैसा खपाते हैं फाइनेंसर
सुरक्षा ऐसी धंधे का वक्त ये
0 रात 8 बजे से देर रात 3 बजे तक चलती फड़
0 25 हथियारबंध लड़कों की गैंग करती है निगरानी
0 भांडुलकर बाप-बेटों की सुरक्षा में बाउंसर तैनात
0 रायपुर, धमतरी, गरियाबंद के आउटर में लोकेशन
बड़ी गाड़ियों में खेलने आने वालों को शूटर ले जाते हैं
भांडुलकर की फड़ व्यवस्था में सुरक्षा, खाने-पीने और गुटखा-सिगरेट से लेकर बाइकर्स तक रहता है। बाहर से आने वाले आदतन और बड़े जुआरियों की बड़ी गाड़ियों को महफूज ठिकाने में पार्क करने के बाद छोटू के शूटर्स जो बाइकर्स हैं वो फड़ की लोकेशन तक लाने-ले-जाने का काम करते हैं। लड़कों की गैंग थ्री लेयर में अनचाहे लोगों की आमदरफ्त पर पैनी नजर रखती है। बड़े खिलाडियों की मनचाही चीजों शराब, नॉनवेज, सिगरेट से लेकर गुटखा तक की फरमाइश शूटर्स(बाइकर्स)के जिम्मे है।







