0 मुंबई में सेंसर बोर्ड की आपत्ति
शहरसात्ता/रायपुर.छत्तीसगढ़ी (Chhollywood) फ़िल्म निर्माता मोहित साहू की बहुचर्चित हिंदी फ़िल्म ‘जानकी’ भाग 1 को सेंसर बोर्ड से झटका लगा है। मुंबई स्थित सेंसर बोर्ड दफ्तर ने फ़िल्म के शीर्षक ‘जानकी’ पर आपत्ति जताते हुए प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया है।

रिवाइजिंग कमेटी और हाईकोर्ट जाने की तैयारी
इस वक्त मुंबई में मौजूद मोहित साहू से मोबाइल पर बातचीत में कहा कि वे अब रिवाइजिंग कमेटी के पास जाएंगे और यदि वहां भी न्याय नहीं मिला तो हाईकोर्ट की शरण लेंगे। गौरतलब है कि इस फिल्म की कहानी खुद मोहित साहू ने लिखी है और इसमें जानकी नाम एक केंद्रीय पात्र के रूप में रखा गया है।
मोहित साहू का कहना है
लगता है सेंसर बोर्ड पुरुष प्रधान हो गया है। कहा जा रहा है कि ‘जानकी’ नाम हटाओ, तभी प्रमाणपत्र मिलेगा। मैं अपनी कहानी की हत्या नहीं कर सकता। अगर रिवाइजिंग कमेटी में भी न्याय नहीं मिला तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।
निर्देशक कौशल उपाध्याय ने भी तंज कसते हुए लिखा
आज समझ आया कि ‘जानकी’ से बेहतर नाम ‘कमीने’ होता। वाह सेंसर बोर्ड, वाह…
अब देखना होगा कि ‘जानकी’ को रिवाइजिंग कमेटी या न्यायालय से न्याय मिलता है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि यह मामला सिर्फ एक फिल्म का नहीं, रचनात्मक स्वतंत्रता और नामकरण के अधिकार से जुड़ा अहम मसला बन चुका है।


मोहित साहू का कहना है
निर्देशक कौशल उपाध्याय ने भी तंज कसते हुए लिखा 




