o मॉडल और टीचर को खुद पर था यकीन इसलिए पीछे नहीं हटीं ,डिंपल ठाकुर की रैंप से लेकर रियल लाइफ की अनटच्ड स्टोरी
शहरसात्ता/रायपुर। छोटे शहर से बड़ी सोच लेकर निकली डिंपल ठाकुर ने मॉडलिंग (modeling) की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने न सिर्फ फैशन इंडस्ट्री में नाम कमाया, बल्कि समाज की सीमित सोच और मानसिक दबावों को भी पीछे छोड़ा। पहले से खुद को मानसिक रूप से मजबूत कर चुकीं डिंपल जानती थीं कि जीतने पर उन्हें न सिर्फ दर्शकों का प्यार मिलेगा, बल्कि परिवार का भी वह अपनापन, जिसकी उन्हें वर्षों से तलाश थी।

शुरुआती संदेह से आत्मविश्वास तक
फ्रेशर के रूप में उन्हें फैसलों पर संदेह हुआ, (modeling) लेकिन अनुभवों और लोगों के सहयोग से आत्मविश्वास बढ़ता गया। जज बनने के बाद भी उन्होंने खुद को ‘सीखने वाला’ ही माना।
नए मॉडल्स के लिए तीन मंत्र:
1. माता-पिता का साथ सबसे अहम
2. एक लक्ष्य पर फोकस, दिशा न बदलें
3. क्वालिटी पर ध्यान, अलग करना ज़रूरी है

फैशन को लेकर सोच
“अगर लड़की किसी ड्रेस में सहज है, तो उसे पहनने से कोई रोक नहीं सकता।” डिंपल कहती हैं, (modeling) वो वही पहनती हैं, जिसे परिवार के सामने भी गर्व से दिखा सकें।
सोशल मीडिया और ट्रोल्स
पहली बार बॉडीकॉन आउटफिट की तस्वीर डालने पर तारीफ के साथ-साथ आलोचनाएं भी आईं,(modeling) लेकिन उन्होंने सिर्फ एक चीज सीखी.
“लोगों की नहीं, अपने काम की सुनो।”

सच्ची सफलता क्या है?
डिंपल के लिए सफलता सिर्फ खिताब या पैसा नहीं, बल्कि उन लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है, जो उन्हें बिना शर्त प्यार करते हैं।(modeling) डिंपल की कहानी बताती है कि अगर आप खुद पर यकीन रखते हैं, तो हर मंच आपका है,चाहे वो रैंप हो या ज़िंदगी।







