दंतेवाड़ा में कांग्रेस शासनकाल में रहे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबी कांग्रेस नेता के घर छापा, कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी फर्म धजाराम-विनोद कुमार के संचालकों के ठिकानों पर रेड
शहर सत्ता/रायपुर। Chhattisgarh Liquor Scam : छत्तीसगढ़ के 5 शहरों में ACB-EOW की टीम ने 15 ठिकानों पर छापेमारी जारी है। शराब घोटाला केस में ACB-EOW की जांच की जा रही है। दंतेवाड़ा में कांग्रेस शासनकाल में रहे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबी कांग्रेस नेता के घर छापा पड़ने की खबर है। जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसी रायपुर-अंबिकापुर और जगदलपुर समेत 5 शहरों में दबिश दी है।

दंतेवाड़ा में कांग्रेस नेता राजकुमार तामो के घर ACB-EOW ने दबिश दी है। सुकमा जिले में 4 स्थानों पर छापेमारी हुई है। इसमें जिला मुख्यालय के 3 और तोंगपाल के 1 स्थान पर कार्रवाई जारी है। दंतेवाड़ा में कांग्रेस नेता राजकुमार तामो के घर ACB-EOW ने दबिश दी है। अंबिकापुर में भी कार्रवाई की गई है। यहां ACB-EOW की टीम ने कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी फर्म धजाराम-विनोद कुमार के संचालकों के ठिकानों पर छापा मारा है।

IT और ED के बाद अग्रवाल के घर EOW/ACB रेड
फर्म धजाराम-विनोद कुमार का नाम पहले भी चर्चित डीएमएफ (DMF) घोटाले में आ चुका है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पहले भी ईडी (ED) और आयकर विभाग (IT) इन व्यापारियों पर कार्रवाई कर चुके हैं। फर्म के संचालक मुकेश अग्रवाल और विनोद अग्रवाल हैं, जिनके घरों पर शनिवार सुबह छापेमारी शुरू हुई।

यह है घोटाला, पूरा मामला
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।







