विकसित सिस्टम के चलते छत्तीसगढ़ में 9 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का खतरा
रायपुर/भिलाई (शहर सत्ता)। छत्तीसगढ़ में मई की तपिश अब बारिश और आंधी में तब्दील हो रही है। भिलाई में गुरुवार दोपहर बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी कर दिया है। विशेषज्ञ इसे सामान्य मई का ट्रेंड बता रहे हैं, लेकिन इस बार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ लाइन की वजह से सिस्टम ज्यादा सक्रिय है।
9 जिलों में बारिश-बिजली का खतरा, 3 दिन तक सतर्कता जरूरी
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर, बीजापुर और बालोद में आंधी, गरज-चमक और बारिश की चेतावनी दी गई है। धमतरी और गरियाबंद में बिजली गिरने की आशंका है, जबकि दंतेवाड़ा और सुकमा में तेज बौछारों की संभावना जताई गई है। 16 और 17 मई को भी मध्य छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग के जिलों में यही स्थिति बनी रह सकती है।
राहत भी, खतरा भी: बदलते मौसम से तापमान गिरा, पर खतरे बढ़े
भिलाई, जगदलपुर और आसपास के इलाकों में बारिश से अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को बिलासपुर 41.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि जगदलपुर में तापमान 32.6 डिग्री तक आ गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है। हालांकि, आकाशीय बिजली और आंधी की वजह से किसान और आमजन को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
क्या है इस सिस्टम के पीछे की वजह?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल दो बड़े सिस्टम छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं:
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पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): जो उत्तर-पश्चिम भारत से नमी लेकर आया है।
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दक्षिण-पश्चिम ट्रफ लाइन: जो उत्तरप्रदेश से तमिलनाडु तक फैली हुई है।
इन दोनों के मेल से राज्य में प्री-मानसूनी बारिश और अंधड़ की स्थिति बन रही है।
मई में बारिश का यह ट्रेंड नया नहीं, लेकिन इस बार ज्यादा तीव्र
मई में छत्तीसगढ़ में अंधड़ और बारिश का होना कोई नई बात नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर साल मई में एक-दो बार ऐसा सिस्टम बनता है, जिससे एक्सट्रीम वेदर कंडीशन देखने को मिलती हैं।
2021 में मई के महीने में 93.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी, जिसमें अकेले 10 मई को 57 मिमी बारिश हुई थी।
बिजली गिरने का खतरा बढ़ा, क्या करें?
विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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बिजली गिरते समय खुले मैदान, मोबाइल टावर, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।
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किसान फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
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वाहन चालकों को फिसलन और तेज हवाओं के कारण सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है।
बदलते मौसम के बीच बड़ा सवाल: राहत या खतरे की दस्तक?
हालांकि इस बारिश ने गर्मी से फौरी राहत दी है, लेकिन लगातार बदलता मौसम संकेत देता है कि जलवायु परिवर्तन का असर अब पहले से अधिक तीव्र और अनियमित हो गया है। मई में बारिश अब असामान्य नहीं, बल्कि नया सामान्य बनती जा रही है।







