
जानकारी के मुताबिक झारखंड सरकार की ओर से EOW को जांच में कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। इसलिए अब इसकी जांच CBI को सौंपी गई है। बता दें कि इस मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन जांच के घेरे में हैं। छत्तीसगढ़ एसीबी-ईओडब्ल्यू की तरफ से 7 सितंबर को दर्ज एफआईआर से इसका खुलासा हुआ है। जिसमें झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के सचिव रहे आईएएस विनय कुमार चौबे और पूर्व संयुक्त आयुक्त आबकारी गजेंद्र सिंह का नाम भी FIR में शामिल है।

इनकी भूमिकाओं की जांच हो रही
– विनय कुमार चौबे: झारखंड के आईएएस अधिकारी और तत्कालीन आबकारी सचिव।
– गजेंद्र सिंह: झारखंड के संयुक्त उत्पाद आयुक्त।
– रोहित उरांव: झारखंड के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के पुत्र।
– छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी सचिव अरुण पति त्रिपाठी को झारखंड में नई शराब नीति के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया।







