0 देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, राहुल बोले- फैसले का समर्थन, डेडलाइन तय हो
शहर सत्ता/नई दिल्ली/रायपुर। Caste census across the country : केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को जाति जनगणना को मंजूरी दी। बिहार चुनाव से पूर्व देशभर में जातिगत जनगणना शुरू होगी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का कहना है कि इस फैसले का वो समर्थन करते हैं और केंद्र शासन यह कब तक करेगा कोई डेडलाइन भी उसे निर्धारित करना चाहिए। कयास लगाए जा रहे हैं कि जाति जनगणना की शुरुआत सितंबर में की जा सकती है। बता दें कि देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी।
जनगणना की प्रोसेस पूरी होने में एक साल लगेगा। ऐसे में जनगणना के अंतिम आंकड़े 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में मिल सकेंगे। देश में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। इसे हर 10 साल में किया जाता है।

राहुल ने कहा तेलंगाना के कास्ट सेंसेस को मॉडल बनायें
राहुल गांधी ने कहा- आखिरकार सरकार ने जाति जनगणना की बात कह दी है। हम इसे सपोर्ट करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी समय सीमा बतानी होगी।हमने तेलंगाना में कास्ट सेंसस कराया, इसे मॉडल बनाया जा सकता है। हमें कास्ट सेंसस से आगे जाना है। किस जाति की ऊंचे पदों में कितनी हिस्सेदारी है, ये पता करनी है।
जातियों की गिनती के लिए एक्ट में संशोधन करना होगा
जनगणना एक्ट 1948 में एससी- एसटी की गणना का प्रावधान है। ओबीसी की गणना के लिए इसमें संशोधन करना होगा। इससे ओबीसी की 2,650 जातियों के आंकड़े सामने आएंगे। 2011 की जनगणना के अनुसार, 1,270 एससी, 748 एसटी जातियां हैं। 2011 में एससी आबादी 16.6% और एसटी 8.6% थी।







