रायपुर पुलिस गिरोहबाजों, चाकूबाजों, चोरों, नशेड़ियों, नशे के सौदागरों पर नियंत्रण के करीब ट्रैफिक प्रॉब्लम अब भी बड़ी चुनौती
प्रदीप चंद्रवंशी/रायपुर
शहर सत्ता/ Raipur IGP & SSP : आमतौर पर रायपुर पुलिस में पुलिस अधीक्षकों और पुलिस महानिरीक्षकों में बहुत काम ही पटरी बैठते देखा गया है। तत्कालीन एसएसपी और आईजी के मध्य सम्प्रभुता को लेकर पूर्व में कई विवाद सुर्खियां भी बनीं। सेवानिवृत DGP दुर्गेश माधव अवस्थी, DGP (Rtd)अशोक जुनेजा और DGP जीपी सिंह और ADG दीपांशु काबरा जैसे कई खाटी IPS राजधानी रायपुर की कमांड सम्हाल चुके हैं। अतिश्योक्ति भी नहीं होगी की इन जैसे तेजतर्राट अधिकारीयों के बीच ईगो भी दीखता था।
लेकिन रायपुर पुलिस के लिए ऐसे कम ही मौके देखने को मिले जब पुलिस कप्तान और आईजी रेंज में पटरी बैठी हो। खुशकिस्मती ही कहेंगे कि उम्र में 19-20 का ही फर्क होने के बावजूद SSP डॉ लाल उमेद सिंह और IG अमरेश मिश्रा के बीच महक़माई प्रतिस्पर्धा नहीं बलकि बेहतरीन समन्वय है। इसलिए राजधानी रायपुर में बढ़ती चाकूबाजी की घटना, चोरी, नशे के कारोबार पर काफी कंट्रोल हुआ है। आईजी अमरेश मिश्रा की प्लानिंग, रेंज अधिकारी की योजनाओं पर अनुभव के मुताबिक पालन करने से एसएसपी डॉ लाल उमेद सिंह की कप्तानी में राजधानी की पुलिसिंग अब मुस्तैद दिखने लगी है।

पांच महीने पहले राजधानी रायपुर में क्राइम ग्राफ हाई था। यहाँ 20 गैंग एक्टिव थे। मर्डर, ड्रग्स तस्करी और कई अवैध धंधे; नाबालिग भी पुलिस के लिए सिरदर्द थे। चाकूबाजी आम थी। लेकिन SSP लाल उमेद के आने और IG अमरेश मिश्रा के निदेशन पर इन जरायम पेशों पर नकेल कसने में राजधानी पुलिस काफी हद तक नियंत्रण हासिल कर ली है।
दोनों अफसर हैं रायपुर से बेहतर वाकिफ़
एसएसपी SSP डॉ लाल उमेद सिंह राजधानी रायपुर में बतौर CSP, ASP पदस्थ रहे हैं। रायपुर के अपराधों और अपराधियों की उन्हें बेहतर समझ भी है। इसी तरह IG अमरेश मिश्रा पूर्व में रायपुर की पुलिस कप्तानी कर चुके हैं। महकमें में उनके गुस्से और जीरो टॉलरेंस से सभी वाकिफ हैं। राजधानी रायपुर को भी वो जानते हैं। दोनों ही अधिकारीयों की इसी काबिलियत और बिना किसी की सीमा का अतिक्रमण किये रायपुर में Crime Prevention क्राइम प्रिवेंशन में जुटे हैं।
अपराधों का गिरा ग्राफ
0 बाहरी राज्यों से अवैध हथियारों की आवक
0 गली के गुंडों और चाकूबाजी पर कंट्रोल
0 क्रिकेट सट्टे हेतु म्यूल बैंक एकाउंट वालों की मुश्कें कसीं
0 निगरानीशुदा और आदतन अपराधियों पर निगरानी
0 अड्डेबाजी और बदमाशों की लगने वाली जमघट बंद
0 क्राइम में नाबालिगों की सक्रियता की रोकथाम के लिए काउंसलिंग
0 नशे के कारोबारी, नशेड़ियों के खिलाफ समय समय पर अभियान

इन गिरोहों पर सख्ती से रोकथाम
1, राजा गैंग, 2, करीम लाला गैंग, 3, CG DON गैंग, 4, चीरा गुड्डू गैंग, 5, गवली गैंग, 6, दिनेश M गैंग, 7, AK गैंग, 8. ST गैंग, 9. ईरानी गैंग, 10. कंवर गैंग के अलावा कई गली के गुंडों की फेहरिस्त तैयार की गई है। रायपुर पुलिस की सख्ती और एसएसपी की हिदायतों के बाद थाना प्रभारी भी कोताही नहीं बरत रहे।

बस ट्रैफिक प्रॉब्लम है बरक़रार
Law and order कानून व्यवस्था तो धीरे धीरे पटरी पर आ ही जायेगा। लेकिन लगता नहीं कि दोनों अधिकारी राजधानी रायपुर की ट्रैफिक प्रॉब्लम को सॉल्व कर पाएंगे। अपराध और अपराधियों पर इनके लिए नियंत्रण आसान है लेकिन राजधानी की यातायात दुरुस्त करने के लिए उतनी महारत नहीं। इसलिए तो कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, IG रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा, SSP डॉ लाल उमेद सिंह, रायपुर RTO, निगम कमिश्नर तक इस समस्या से रायपुर वासियों को निजात नहीं दिला पाए हैं। बता दें रायपुर ट्रैफिक पुलिस के पास बल की कमी और वीआईपी ड्यूटी के साथ उनकी तीमारदारी का बोझ ज्यादा है। ऐसे में लगता नहीं कि राहत मिल पायेगी, उम्मीद इसलिए भी नहीं है क्योंकि यहां का ट्रैफिक और वहान चालक दोनों किस्मत के भरोसे चल रहे हैं।







