रायपुर (विधानसभा संवाददाता)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक सदन में पेश किया, जिस पर चर्चा हुई। सदन में हुई चर्चा में आपातकाल लगाने के दौरान निर्मित हुई परिस्थिति में नेताओं की गिरफ्तारी और लोकतंत्र के दमन को लेकर मुख्यमंत्री और अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल ने अपनी-अपनी बातें सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक को मध्य प्रदेश में भी पारित होने की जानकारी दी। इस पर विपक्ष की ओर से चरणदास महंत और भूपेश बघेल ने आपत्ति की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रापति के आदेश से लगाए गए आपातकाल के विषय पर चर्चा नहीं कराने को असंवैधानिक बताया। सदन के सदस्य चरणदास महंत ने कहा कि अगर सरकार मिसा बंदियों को सम्मान राशि देना चाहती है तो दे, पर आपातकाल की परिस्थिति पर चर्चा नहीं की जा सकती, साथ ही चरणदास महंत ने सत्तापक्ष को कंगना रानावत की इमरजेंसी फिल्म देखने की सलाह दी है। सभापति ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति सत्तापक्ष को दी।
जन्म 13 अगस्त 1973 को राजधानी रायपुर में हुआ। मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश ग्राम चौरंग, कुंडा जिला प्रतापगढ़ से जुडी हैं। मुझे शिक्षक माता-पिता, विख्यात सर्प विशेषज्ञ डॉ अर्जुन सिंह रंगीला का पौत्र और छत्तीसगढ़ राजिम-धमतरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम पाल सिंह बिसेन का नाती होने का गौरव प्राप्त है। स्कूल से लेकर कॉलेज MA(PUB.ADD.) BJMC तक की शिक्षा रायपुर में ही ग्रहण किया। एनसीसी एयर विंग से 'ए' 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट तीन नेशनल कैंप का तत्कालीन मध्य प्रदेश में रायपुर, भोपाल और इंदौर का नेतृत्व किया। रायपुर थ्री एमपी (अब सीजी) एयर स्क्वॉर्डर्न से सर्वाधिक ग्लाइडिंग फ़्लाइंग की शॉर्टिज करके 1995 में ग्लाइडर पायलट यतेंद्र सिंह राणा सर की कमान में सोलो फ़्लाइंग किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में मातृ संसथान दैनिक हरिभूमि में वर्ष 2000 में डेस्क में विज्ञप्ति बनाने से शुरुआत हुई। लगभग 15 साल हरिभूमि, फिर इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल स्टैंडर्ड वर्ल्ड 'वाच' चैनल, पत्रिका, दबंग दुनिया, समवेत शिखर, अमनपथ और जनता से रिश्ता मिड डे अख़बार में भी विभिन्न पदों पर कार्यरत था। वर्तमान में शहर सत्ता साप्ताहिक अख़बार में बतौर प्रधान संपादक हूं।