रायपुर। छत्तीसगढ़ आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर ने छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की है कि राजधानी के विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विदेशी छात्रों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्यतः किया जाए।
उन्होंने कलिंगा विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां लगभग 27 देशों के छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पूर्व में नाइजीरिया के दो छात्रों की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तारी भी हो चुकी है। यह सर्वविदित है कि नाइजीरिया साइबर अपराध और ड्रग्स तस्करी के लिए कुख्यात है। ऐसे में इस बात से नकारा नहीं जा सकता की यहां पढ़ने के नाम पर एडमिशन लेने वाले कुछ संदिग्ध लोग ड्रग तस्करी या साईबर क्राईम जैसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त हों।
श्री ठाकुर ने कहा, छत्तीसगढ़ में विभिन्न देशों से छात्र स्टूडेंट वीजा पर अध्ययन के लिए आते हैं, लेकिन उनके बैकग्राउंड की उचित जांच न होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि वे वास्तव में छात्र ही हैं या किसी अन्य उद्देश्य से यहां रह रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के पास भी उनकी पृष्ठभूमि की समुचित जानकारी नहीं होती, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है।’
उन्होंने आगे कहा कि यदि समय रहते इन छात्रों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं किया गया, तो छत्तीसगढ़ जल्द ही साइबर अपराध और ड्रग तस्करी का एक नया केंद्र बन सकता है। यह विषय प्रदेश के युवाओं के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है, क्योंकि ड्रग्स जैसी कुप्रथाओं का फैलाव युवाओं को नशे की गिरफ्त में ले जा सकता है।
ठाकुर ने छत्तीसगढ़ शासन से आग्रह किया है कि वे सभी विदेशी छात्रों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराये, ताकि प्रदेश की सुरक्षा और सामाजिक संरचना को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके।







